फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CEO जितना कमाते हैं बदरीनाथ के रावल

Sun, 09 Feb 2014 03:59 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
धाम में पूजा-अर्चना करने की एवज में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से रावल को हर महीने 2400 सौ ग्रेड पे के आधार पर करीब 25 हजार रुपये मिलता है।
विज्ञापन


पढ़ें,बदरीनाथ रावल के 'ब्रह्मचर्य' पर छिड़ी बहस

मंदिर में चढ़ावे में अर्जित आय में भी उनकी सात फीसदी हिस्सेदारी होती है।

ऐसे में बदरीनाथ के रावल की एक यात्राकाल में करोड़ से ऊपर आमदनी है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ ही रावल का चढ़ावा भी बढ़ रहा है।

यात्राकाल में होती है करोड़ों की आय

बीकेटीसी के अनुसार वर्ष 2000 में बदरीनाथ धाम में सवा पांच लाख तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका। इनसे धाम को करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपये की आय हुई।

पढ़ें, रावल का कृत्य सनातन धर्म के ल‌िए आघाती: माधवाश्रम

वर्ष 2012 में 10 लाख 42 हजार 215 तीर्थयात्रियों ने धाम में मत्था टेका। इससे बीकेटीसी को 13 करोड़ रुपये की आय हुई।  प्राप्त आय में रावल की सात फीसदी हिस्सेदारी होती है। लिहाजा रावल को वर्ष 2012 में 91 लाख रुपये मिले।

गुप्तदान का हिसाब ही नहीं
धनाड्य तीर्थयात्री रावल को अगल से भी गुप्तदान और चढ़ावा देते हैं। जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता है। हालांकि वर्ष 2013 में जलप्रलय से यात्रा चार माह तक ठप रहने से  मंदिर समिति और रावल की आय प्रभावित हुई थी।
विज्ञापन

बदरीनाथ में सुविधा से लैस रहते हैं रावल

यात्राकाल में रावल को एक रसोइया और एक सेवक दिया जाता है। ये मंदिर समिति के वेतनभोगी कर्मचारी होते हैं।

पढ़ें,हैंडसम दिखने के चक्कर में कहीं बन ना जाएं नपुंसक

रावल को दी जाने वाली सुविधाओं में उनके दूध, घी, खाना और उनके निवास की समुचित व्यवस्था भी शामिल है।

पढ़ें,केदारनाथ के रावल का भी रहा है विवादों से नाता

तीर्थयात्रा पर आए उनके परिजनों की धाम में रहने-खाने की व्यवस्था भी मंदिर समिति करती है। संपूर्ण यात्राकाल में रावल पर करीब छह से सात लाख रुपये तक का खर्च आ जाता है।

इनका है कहना
रावल को वेतन के साथ ही मंदिर समिति की आय में प्रतिवर्ष की यात्रा में सात फीसदी की हिस्सेदारी होती है। यह परंपरा पूर्व से ही निर्धारित है। इस मामले में वर्तमान में कटौती संभव नहीं है।
-बीडी सिंह, मुख्य कार्याधिकारी, बीकेटीसी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें