बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि समिति की व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने और वित्तीय अनियमितताएं रोकने के लिए एक सप्ताह के भीतर वित्त नियंत्रक की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने का कार्य ऐतिहासिक है, लेकिन विरोधियों को समिति की ओर से किए जा रहे सुधारात्मक कार्य रास नहीं आ रहे हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की फोटो पर विरोधियों के बयान पर पलटवार किया है। मंदिर समिति की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। कुछ लोग बयानबाजी कर उनकी व्यक्तिगत छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। अजेंद्र अजय ने कहा कि उन्होंने अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद कई पहल की हैं।
बीकेटीसी के गेस्ट हाउस में प्रबंधन कार्य देखने वाले कार्मिकों को प्रबंधकीय कार्य में दक्ष बनाने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के पर्यटन विभाग से रिफ्रेशर कोर्स कराया। वर्षों से वेतन विसंगति का सामना कर रहे 130 से अधिक कार्मिकों की वेतन बढ़ोतरी की। बीकेटीसी में पहली बार स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की।
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फिजूलखर्ची को रोकने के लिए देहरादून स्थित कैंप कार्यालय और ऋषिकेश स्थित प्रचार कार्यालय को समाप्त किया। इन दोनों कार्यालयों में तैनात कार्मिकों को उनकी उपयोगिता के अनुरूप स्थानांतरित किया गया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों को पहली बार स्वर्ण मंडित किया गया। यह ऐतिहासिक कार्य है। देश-दुनिया के श्रद्धालु स्वर्ण मंडित गर्भगृह के दर्शन कर अभिभूत हैं। लिहाजा, कुछ विघ्न संतोषियों को यह रास नहीं आ रहा है। जिससे अनाप-शनाप बयानबाजी कर दुष्प्रचार कर रहे हैं।