रविवार को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं लेकिन मौजूदा हालात डरा रहे हैं। रास्ता निर्बाध नहीं हो सका है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पसरा हिमखंड अभी तक हटाया नहीं जा सका है।
कंचन गंगा में आठ मशीनें एक सप्ताह से हिमखंड हटाने में जुटी हैं। कंचन गंगा में हाईवे से करीब आठ फीट तक हिमखंड है। यहां सड़क पूरी तरह बह जाने से हिमखंड हटाने में दिक्कतें आ रही हैं।
शुक्रवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों ने हिमखंड के ऊपर ही लोहे की प्लेटें बिछाकर बदरीनाथ धाम तक छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारु करा दी। निर्माण के काम में मौसम भी बाधा बन रहा है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे से धाम में झमाझम बारिश हुई जो शाम तक चली। ठंड भी बढ़ गई है।
शुक्रवार दोपहर बाद धाम में बीएसएनएल की मोबाइल फोन सेवा ठप पड़ गई है। धाम में प्राइवेट संचार कंपनियां की सेवाएं नहीं हैं। व्यवसायियों, अधिकारियों और मंदिर समिति के कर्मचारियों का शेष दुनिया से संपर्क कट गया है।