शुक्रवार को सुबह छह बजे से अवरुद्ध बदरीनाथ हाईवे रविवार को लामबगड़ में वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो गया है।
रविवार दोपहर में साढ़े बारह बजे बदरीनाथ धाम की ओर से करीब चालीस यात्रा वाहनों और धाम में ठहरे एक हजार तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया। बदरीनाथ हाईवे के बार-बार अवरुद्ध होने से स्थानीय लोगों के साथ ही सेना और तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विगत शुक्रवार को भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पाताल गंगा, पागल नाला, बैनाकुली और लामबगड़ में अवरुद्ध हो गया था। अन्य जगहों पर बीआरओ ने मशीनों और मजदूरों की सहायता से हाईवे को सुचारु तो कर दिया था, लेकिन लामबगड़ में हाईवे पर आए मलबे और बोल्डरों को हटाने में मजदूरों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
बदरीनाथ हाईवे के खुलने पर तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। बीआरओ के कमांडर कर्नल आर सुब्रमण्यम ने बताया कि मजदूरों ने जान हथेली पर रखकर हाईवे को सुचारु किया है। लामबगड़ में हाईवे पर आए मलबे और बोल्डरों को हटाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। यहां चट्टान से रह-रहकर पत्थर छिटक रहे थे।
लामबगड़ और बैनाकुली में खतरनाक बना हाईवे
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और बैनाकुली में वाहनों की आवाजाही के लिए खुल तो गया है, लेकिन यहां खतरा टला नहीं है। दोनों भूस्खलन क्षेत्रों में चट्टान से पत्थर और मलबा गिरने का डर हर समय बना रहता है।
लामबगड़ में हाईवे भूस्खलन से बेहद संकरा हो गया है। यहां वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है। यात्रा के बड़े वाहनों को फिलहाल बदरीनाथ नहीं जाने दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों से छोटे वाहनों से ही धाम तक आने की अपील की जा रही है।
बदरीनाथ के दर्शन कर यात्री उसी दिन लौट रहे वापस
बदरीनाथ हाईवे के बार-बार अवरुद्ध होने से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। हाईवे के अवरुद्ध होने की डर से तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा करने के बाद रात्रि विश्राम के लिए यात्रा पड़ावों पर पहुंच रहे हैं, जिससे यात्री धाम के अन्य देवस्थलों के दर्शन भी नहीं कर पा रहे हैं।
बदरीनाथ व्यापार संघ के उपाध्यक्ष श्याम लाल पंचपुरी का कहना है कि बदरीनाथ हाईवे के रखरखाव पर शासन-प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे बदरीनाथ की तीर्थयात्रा थोड़ी बारिश होने पर ठप पड़ रही है।