बदरीनाथ हाईवे 27 घंटे बाद सुचारु हो गया है। हाथी पर्वत की तलहटी पर हाईवे पर आए बोल्डरों और मलबे को हटाकर बीआरओ ने शनिवार को सांय साढ़े छह बजे छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी है।
रात आठ बजे तक बदरीनाथ की ओर से करीब चार हजार तीर्थयात्रियों को जोशीमठ तक सुरक्षित पहुंचाया गया। बदरीनाथ की ओर से करीब साढ़े तीन सौ छोटे-बड़े वाहनों को भी निकाला गया है। हालांकि हाथी पर्वत के पास बदरीनाथ हाईवे अभी भी खतरनाक बना हुआ है। बारिश होने पर यहां चट्टान से बोल्डरों के छिटकने का खतरा बना हुआ है।
बीती 19 मई को सांय साढ़े तीन बजे बदरीनाथ हाईवे चट्टान टूटने से अवरुद्ध हो गया था। जिससे बदरीनाथ की तीर्थयात्रा थम गई थी। बीआरओ की ओर से देर रात दो बजे तक हाईवे को खोलने का कार्य किया गया।
शनिवार को सांय साढ़े पांच बजे बोल्डरों को कंप्रेशर मशीन और जेसीबी की मदद से हटाया गया। इसके बाद हाईवे पर मिट्टी का भरान किया गया। सांय साढ़े छह बजे हाईवे को पूरी तरह से वाहनों के लिए खोल दिया गया। सबसे पहले बदरीनाथ की ओर से फंसे यात्रा वाहनों को निकाला गया।
प्रभावित क्षेत्र में सुबह और दोपहर बाद बारिश होने से हाईवे खोलने का कार्य प्रभावित हुआ। बीआरओ के कमांडर आर सुब्रमण्यम लगातार हाईवे खोलने पर नजर बनाए हुए थे। हाईवे बंद होने के बावजूद भी जोशीमठ से चार किमी पैदल चलकर करीब एक हजार तीर्थयात्री विष्णुप्रयाग पहुंचे और यहां से वाहन से बदरीनाथ की यात्रा पर गए।