लामबगड़ में आकर वाहनों के पहिए थम गए
गोविंदघाट थाना पुलिस ने इसकी सूचना एनएचआईडीसीएल (नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों को दी। जिसके बाद लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का सुधारीकरण कार्य कर रही मेकाफेरी कंपनी की मशीनों ने सुबह सात बजे से हाईवे को खोलने का काम शुरु किया।
शाम तक भी हाईवे के बह चुके भाग में बोल्डरों का भरान किया गया। लेकिन हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु नहीं किया जा सका है। यहां हाईवे बेहद खस्ता हालत में पहुंच गया है। मेकाफेरी कंपनी के इंजीनियर हिमांशु ने बताया कि रात करीब आठ बजे तक ही हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया जा सकता है।
वहीं, हाईवे के अवरुद्ध होने से तीर्थयात्रियों ने पूरा दिन अपने वाहनों में गुजारा। लामबगड़, हनुमान चट्टी, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में तीर्थयात्री दिनभर स्थानीय लोगों से हाईवे खुलने का अपडेट लेते रहे। गोविंदघाट पुलिस थाने के थानाध्यक्ष हेमदत्त भारद्वाज ने बताया कि यदि देर शाम तक भी हाईवे नहीं खुला तो गोविंदघाट में गुरुद्वारे की धर्मशाला में तीर्थयात्रियों के रात को ठहरने और खाने की व्यवस्था की गई है।