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उत्तराखंड : चीन सीमा से लगी नीती घाटी में फटा बादल, 4 लोगों की मौत

Fri, 20 Jul 2018 06:27 PM IST
न्यूज़ डेस्क , अमर उजाला, देहरादून
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चमोली जिले से लगे चीन सीमा क्षेत्र नीती घाटी में बृहस्पतिवार रात को जेलम गांव में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। नीति घाटी के तमाम बरसाती गदेरे उफान पर हैं। तमक नाले में बड़े पैमाने पर मलबा आने से एक दर्जन से अधिक गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। 

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नीती घाटी के जेलम गांव में बरसाती गदेरे के शीर्ष भाग में बादल फटने से दो बच्चों सहित चार मजदूर मलबे में दब गए हैं। एक डेढ़ साल के बच्चे और उसकी मां का शव मलबे से निकाल लिया गया है, जबकि एक बच्चे सहित दो लोगों के शव अभी तक नहीं मिल पाए हैं। वहीं चीन सीमा क्षेत्र को यातायात सुविधा से जोडऩे वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे अवरुद्ध हो गया है। हाईवे अवरुद्ध होने से सीमांत गांवों के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी के जवानों की आवाजाही भी बाधित हो गई है। 

बृहस्पतिवार को रात करीब ग्यारह बजे से नीती घाटी में जोरदार बारिश शुरु हुई। शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े तीन बजे जेलम गदेरे के शीर्ष भाग में बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर मलारी हाईवे पर आ गया।

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चारों ओर पसर गया तबाही का मंज़र

मलबा आने से यहां मौजूद बीआरओ के मजदूरों के टिन शेड दब गए। साथ ही टिन शेड में रह रहे मजदूर तुलसा देवी (36) पत्नी प्रेम बहादुर, डेढ़ वर्षीय सुनील पुत्र प्रेम बहादुर, दो वर्षीय गौरव पुत्र किशन पाल और गोपाल बहादुर (35) पुत्र पर बहादुर, सभी चौराठा, नेपाल निवासी मलबे में जिंदा दफन हो गए। सुबह सात बजे जोशीमठ तहसील प्रशासन को घटना की सूचना मिली। जिसके बाद बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कर, एसडीएम योगेंद्र सिंह के साथ ही एसडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान घटना स्थल पर पहुंचे।

मलबे में से तुलसा देवी और डेढ़ वर्षीय सुनील के शव निकाल दिए गए हैं, जबकि गौरव व गोपाल बहादुर के शव अभी तक नहीं मिल पाए हैं। वहीं, समीप के तमक गांव में करीब 30 नाली कृषि भूमि बह गई है। भूस्खलन से गांव को भी खतरा हो गया है।

जोशीमठ-मलारी हाईवे को भी गदेरे के मलबे से भारी नुकसान पहुंचा है। यहां करीब दो सौ मीटर तक भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर पसरे हुए हैं। एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि मलबे में दबे मजदूरों के शवों की ढूंढखोज की जा रही है। मलारी हाईवे को शनिवार तक सुचारु कर लिया जाएगा।
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डेढ़ सौ मी. बहा मलारी हाईवे, चीना सीमा क्षेत्र का संपर्क टूटा

सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही ठप - फोटो : amar ujala
जेलम गदेरे में बादल फटने से चीन सीमा क्षेत्र को यातायात से जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे करीब डेढ़ सौ मीटर तक बह गया है। इससे चीन सीमा क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है। तमक नाले में मलबा भर जाने से यहां मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। सीमावर्ती गांवों को जोड़ने वाला यह एकमात्र मोटर मार्ग है। शुक्रवार को हाईवे बंद होने से ग्रामीण मीलों दूरी पैदल नापकर अपने गंतव्य तक पहुंचे।

शुक्रवार को सुबह साढ़े तीन बजे जेलम गदेरे के शीर्ष भाग में बादल फटने से मलारी हाईवे करीब डेढ़ सौ मीटर तक बह गया है, जबकि हिल साइड में टनों मलबा पसरा हुआ है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने हाईवे को सुचारु करने का काम शुरू कर दिया है। हाईवे के बाधित होने से सीमावर्ती गांव नीती, मलारी, बांपा, कैलाशपुर, महरगांव, फरकिया में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की सप्लाई भी ठप हो गई है। जोशीमठ के उप जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने हाईवे का निरीक्षण कर बीआरओ के अधिकारियों को शीघ्र हाईवे सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।

इधर, बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कर का कहना है कि मलारी हाईवे पर हिल कटिंग कर नई सड़क का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई जाएगी। उन्होंने सोमवार तक हाईवे के सुचारु होने का दावा किया है।  
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