बदरीनाथ हाईवे रविवार को 12 घंटे तक बाधित रहा। बीआरओ की मशीनों और मजदूरों ने मशक्कत के बाद शाम साढे़ चार बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। उधर जोशीमठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी रविवार शाम से वाहनों के लिए खुल गया है।
बदरीनाथ क्षेत्र में शनिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से रविवार तड़के करीब चार बजे लामगबड़ भूस्खलन जोन में भारी मलबा और बोल्डर आने से बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया था। रविवार सुबह आठ बजे से बीआरओ की मशीनें और मजदूर यहां हाईवे सुधारीकरण कार्य में जुट गये थे। साढे़ आठ घंटे की मशक्कत के बाद बीआरओ ने यहां मोटर मार्ग को सुचारु कर दिया है।
लामबगड़ में वाहनों की आवाजाही शुरू होने के बाद बदरीनाथ धाम में रोके गये पांच सौ तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है, जबकि जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में रुके करीब ढाई सौ तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम भेज दिया गया है।
उधर, जोशीमठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार शाम से वाहनों के लिए खुल गया है। शुक्रवार रात को घाटी में हुई बारिश से तमक गदेरे में आए मलबे और पत्थरों से यहां हाईवे पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी।
सड़क बंद होने से घाटी के 16 गांवों के ग्रामीणों के साथ ही सीमा पर मुस्तैद जवानों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था। बीआरओ के कमांडर आर सुब्रहमण्यम का कहना है कि रविवार देर शाम सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग सात घंटे रहा बंद
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग रविवार को सात घंटे बंद रहा। इस दौरान यातायात बाधित होने से लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एनएच द्वारा दोपहर बाद तीन बजे बाद मलबा सफाई कर यातायात बहाल किया गया। राजमार्ग पर कई स्थानों पर स्लाइडिंग जोन सक्रिय हो गए हैं, जिससे निरंतर खतरा बना हुआ है।
शनिवार रात हुई तेज बारिश से राजमार्ग फाटा बाजार के समीप पहाड़ी से भारी मलबा आने से बंद हो गया था। बार-बार गिरते मलबे के कारण सफाई कार्य प्रभावित होता रहा। एनएन निर्माण खंड रुद्रप्रयाग द्वारा दोपहर बाद तीन बजे मलबा सफाई कर राजमार्ग पर यातायात बहाल किया। इधर, अगस्यमुनि से पांच किमी आगे सौड़ी में भी मलबा आने से सड़क दो घंटे से अधिक यातायात ठप रहा।
एनएच के ईई प्रवीन कुमार ने बताया कि 76 किमी राजमार्ग पर अधिकांश स्थानों पर खतरा बना हुआ है। जगह-जगह पर मलबा व पत्थर गिरने से आए दिन यायातात बाधित हो रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि प्रभावित स्थान को दुरस्त कर कम से कम समय में वाहनों की आवाजाही सुचारु की जा सके। ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग भी शिवनंदी में संवेदनशील बना है। दूसरी तरफ जिले में 22 संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं।