राज परिवार नियुक्त करता है नायब रावल
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर एक्ट 1939 में नायब रावल के पद पर नामांकित करने का अधिकार टिहरी के महाराजा को दिया गया है। इस क्रम में बीकेटीसी ने टिहरी रियासत के महाराजा मनुजयेंद्र शाह से सहमति लेकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की। साक्षात्कार बोर्ड में सदस्य के रूप में राज परिवार ने नामित एक प्रतिनिधि को भी शामिल किया गया। नायब रावल पद पर दक्षिण भारत के केरल राज्य के नंबूदरी ब्राह्मण नियुक्त होते हैं। नायब रावल ही पदोन्नत होकर बदरीनाथ धाम के रावल नियुक्त होते हैं।