बारिश का कहर सबसे अधिक सड़क पर टूट रहा है। टनकपुर में निर्माणाधीन श्यामलाताल-पोथ मार्ग चार दिन से बंद है। नैनीताल जिले में बानना, भल्यूटी, देवीपुरा-सौड़ और अमेल-खोला मोटर मार्ग बंद हैं।
मुनस्यारी में सेरा के पासपेड़ गिरने से मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर साढ़े ग्यारह बजे तक बंद रही। उधर, बारिश के दौरान गणाईगंगोली के घोड़ासिला में नाले की चपेट में आने से घोड़ासिला की बसंती देवी (75) की मौत हो गई।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पांगला के पास मलबा आने से बृहस्पतिवार रातभर बंद रही। सुबह साढ़े नौ बजे मलबा हटाया जा सका। कंज्योति-नारायण आश्रम सड़क भी सुनपाल में मलबा आने से बृहस्पतिवार रातबर बंद रही। यहां सुबह करीब 10 बजे मलबा हटाया जा सका।
बागेश्वर में जिले में पोथिंग-शोभाकुंड सड़क आठ दिन, कपकोट-कर्मी-बघर, कपकोट-कर्मी-तोली चार-चार दिन, विजयपुर-ढ़पटी-झाकरा, लाथी-कर्मी-तोली-चेताबगड़ और पुल बाजार गांसी-कर्मी सड़क शुक्रवार को बंद हो गईं।
सरोवर नगरी में 80 साल पुराने पांच मंजिला मकान का एक हिस्सा शनिवार सुबह पांच बजे भरभरा कर ढह गया। मकान 15 साल से खाली होने की वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ। नगर पालिका ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मल्लीताल में मदन लाल साह का लगभग 80 साल पुराना मकान है।
मकान के जर्जर होने के कारण लगभग 15 साल से मकान खाली पड़ा था और लगभग 10 साल से हर बार बारिश में इस मकान का कुछ हिस्सा गिरता रहा है। शनिवार सुबह लगभग पांच बजे अचानक से पूरा मकान ही गिर गया।
आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू ने पालिका व आपदा विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। पालिका की टीम ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। मुकेश जोशी ने बताया कि मकान को लेकर पालिका की ओर से पहले ही नोटिस दिया जा चुका था।