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Dehradun: गरीबों को बांटा जाना था खराब चावल...छापेमारी हुई तो खुल गया खेल, एसएमओ और आरओ पर गिर सकती है गाज

Fri, 28 Mar 2025 11:15 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

सैकड़ों कुंतल खराब चावल की खरीद गई। जिम्मेदार अफसरों के निलंबन की तैयारी है।गुलरघाटी में स्थित खाद्य गोदाम पर प्रशासन की कार्यवाही दूसरे दिन भी जारी रही। मामले में एसएमओ और आरओ पर गाज गिर सकती है।

 
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राशन के डिपुओं में मिलेगा लोकल चावल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गढ़वाल मंडल में आंगनबाड़ी केंद्रों और गरीबों को बांटने के लिए सैकड़ों कुंतल खराब चावल की खरीद करने के बाद गोदाम में भंडारण किया गया। गुणवत्ता के पैमाने पर फेल यह चावल मंडल के विभिन्न जिलों में गरीबों को बांटने की तैयारी थी। इससे पहले डीएम सविन बंसल ने छापा मारकर सैंपलिंग कराई।

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दो दिनों की छापेमारी में 25 में से 17 लाट यानी करीब 2200 क्विंटल चावल सैंपलिंग में फेल निकले। सैंपल में फेल चावल सील करा दिया गया है, वहीं जिम्मेदार अफसरों के निलंबन की तैयारी है।गुलरघाटी में स्थित खाद्य गोदाम पर प्रशासन की कार्यवाही दूसरे दिन भी जारी रही।

गुणवत्ताविहीन चावल सस्ते दामों पर खरीदा
एडीएम प्रशासन जयभारत सिंह प्रशासनिक अमले के साथ खाद्य गोदाम पहुंचे। चावलों के नमूनों में से 12 लॉट (करीब 2200 क्विंटल चावल) के नमूने फेल हो गए। जांच में सामने आया कि पूरा खेल खाद्य विभाग व राइस मिलों से जुड़ा है। जांच अधिकारियों के अनुसार चावल की खरीद खाद्य विभाग की ओर से की जाती है।
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खाद्य विभाग ने राइस मिल से टूटा, पुराना और काला चावल सस्ते दामों पर खरीदा। काले चावल को पालिश कराकर खरीदा गया। यह चावल गरीबों में बांटा जाना था। सवाल यह भी है कि आखिर खराब चावल मिल से क्यों खरीदा। जांच में सामने आया है कि मिल से गुणवत्ताविहीन चावल सस्ते दामों पर खरीद करने के बाद उसे जनता में वितरण के लिए भेजा जा रहा था।

डीएम ने एआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक टीम ने गोदाम में फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट के आधार पर खाद्यान्न स्टोर और विपणन के लिए समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए, ताकि गोदाम से गुणवत्ता के साथ खाद्यान्न का विपणन हो सके।

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सबने बंद कर ली आंख
नियमानुसार चावल की राइस मिल से खरीद व गोदाम से जिलों में भेजने के समय अनाज की सैंपलिंग अनिवार्य है। लेकिन न तो खरीद के समय सैंपल लिया जा रहा था, ना ही जिले में भेजते समय। लंबे समय से राइस मिलों से सस्ता व पुराना चावल खरीदकर उसे बंटवाने के लिए भेजने का काम चल रहा था। इसके लिए क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक से लेकर जिलों के खाद्य अधिकारी तक आंख मूंदे हुए थे।

अब तैयार की जाएगी विस्तृत रिपोर्ट, फिर होगी कार्रवाई

खाद्य गोदाम पर प्रशासन की कार्यवाही दूसरे दिन पूरी हो गई। अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कितने नमूने फेल हुए? वहां क्या होना चाहिए था और क्या-क्या वहां नहीं मिला। किस स्तर पर लापरवाही बरती गई? एडीएम पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपेंगे। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

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दो दिन तक चली कार्यवाही पूरी हो गई है। दूसरे दिन चावलों की 12 लॉट के नमूने जांच में फेल हुए हैं। रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। -जयभारत, एडीएम
 

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