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आदर्श ग्रामों में उत्तराखंड की सांसद निकले फिसड्डी

Wed, 13 Apr 2016 04:19 AM IST
अरविंद सिंह/अमर उजाला, देहरादून
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तरुण विजय उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद हैं। - फोटो : amar ujala
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में जहां केंद्र सरकार सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों में विकास की तस्वीर बदलने की कवायद में जुटी है। वहीं सांसदगण इन योजनाओं को लेकर दरियादिली नहीं दिखा रहे हैं। राज्यसभा के दो सांसदों राजबब्बर और तरुण विजय ने योजना के तहत फूटी कौड़ी तक नहीं दी है। जबकि सांसद अजय टम्टा ने अपने क्षेत्र में चयनित आदर्श गांव के विकास को महज डेढ़ लाख खर्च किए हैं।
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ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों के मुताबिक सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने ऊधमसिंह नगर के सरपुडा, गढ़वाल सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी ने रुद्रप्रयाग के देवली मणीग्राम, हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने हरिद्वार के गोवर्धनपुर, टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह ने उत्तरकाशी के बौन, सांसद अजय टम्टा ने बागेश्वर के सूपी, राज्यसभा सांसद महेंद्र माहरा ने चंपावत के रौलमेल, सांसद राजबब्बर ने चमोली के लामबगड़ और सांसद तरुण विजय ने टिहरी के तेवा गांव को गोद लिया था।

निशंक ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
सांसद आदर्श ग्राम योजना के प्रावधानों के तहत विकास से जुड़े सभी संबंधित विभागों के अलावा सांसदों को भी अपने सांसद निधि से बजट खर्च करना था। ज्यादातर सांसदों ने योजना को लेकर दिचलस्पी नहीं दिखाई है।
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ग्राम्य विकास विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले आदर्श गांवों के विकास में सबसे अधिक दिलचस्पी हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने दिखाई है उन्होंने पूरे वित्तीय वर्ष में 43.73 लाख रुपये गोवर्धनपुर गांव के विकास पर खर्च किए। वहीं भगत सिंह कोश्यारी ने 23.50 लाख, सांसद महेंद्र माहरा ने 19.50 लाख रुपये खर्च किए।

जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एवं गढ़वाल सांसद बीसी खंडूड़ी ने महज पांच लाख, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह ने साढ़े सात लाख और सांसद अजय टम्टा ने सबसे कम महज डेढ़ लाख रुपये सांसद आदर्श ग्राम के विकास पर खर्च किए।

दो राज्यसभा सांसदों राजबब्बर और तरुण विजय ने अपने-अपने आदर्श गांवों लामबगड़, तेवा के विकास कार्यों के लिए फूटी कौड़ी नहीं दी है। जहां सांसदों ने सांसद निधि से बजट देने में कंजूसी की है, वहीं रही सही कसर सरकारी अफसरों ने पूरी कर दी है। सांसदों की ओर से अभी तक दिए गए 1.72 करोड़ में 69.14 लाख रुपये ही खर्च हो पाए हैं।
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