देहरादून। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अंतिम वर्ष के पास-आउट छात्रों को बड़ी राहत दी है। विवि ने स्पेशल बैक पेपर व समर सेमेस्टर परीक्षा के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि घोषित तो कर दी है लेकिन छात्रों के आवेदन विवि के तकनीकी पेंच में फंस गए हैं। इसके चलते वह परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
दरअसल, विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. एसके गोयल की ओर से इस संबंध में विवि से संबद्ध सभी संस्थानों के प्राचार्य व निदेशक को पत्र भेजा गया था। विवि के यूएमएस पोर्टल के माध्यम से परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तय की गई है लेकिन इससे पहले ही छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक संस्थान के निदेशक ने बताया कि पोर्टल न चलने की वजह से छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। जबकि एक छात्र ने बताया कि पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड ही नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते आवेदन अधूरा है। उधर विवि के अनुसार ऑर्डिनेंस के प्रावधानों के तहत प्रमोटेड छात्र अगर सम सेमेस्टर में भी फेल हो जाते हैं तो उन्हें अगले सत्र में प्रोन्नति दी गई है। ऐसे छात्रों को पिछले वर्ष का निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क पांच हजार रुपये इस वर्ष भी देना होगा। यह राशि संबंधित संस्थान को भुगतान की जाएगी। जबकि समर सेमेस्टर परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रों के लिए प्रति विषय स्पेशल बैक पेपर फीस दो हजार रुपये निर्धारित की गई है।
बीटेक, एमटेक, बीफार्मा और लॉ के छात्रों के लिए विशेष नियम
सत्र 2022-23 से प्रभावी ऑर्डिनेंस के अनुसार बीटेक, एमटेक, बीफार्मा, एमबीए, एमबीए इंटीग्रेटेड जैसे तकनीकी व लॉ पाठ्यक्रमों में अगर छात्र-छात्रा दोनों सेमेस्टर में परीक्षा फॉर्म भरते हैं और आंतरिक व प्रायोगिक सेशनल अंक प्राप्त करते हैं, तो उसे उसी स्थिति में अगले कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि, अगर कोई छात्र या छात्रा को संस्थान की ओर से संबंधित सत्र के दोनों सेमेस्टर में सेशनल अंक प्रदान नहीं किए जाते और वह दोनों सेमेस्टर की परीक्षा नहीं देता व न्यूनतम संचयी क्रेडिट प्राप्त नहीं करता है तो उसे फिर से प्रवेश लेने या पूर्व छात्र की श्रेणी का विकल्प चुनना होगा।