नैनीताल संसदीय सीट से उम्मीदवार पैनल से नाम हटाए जाने के मामले को लेकर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री बची सिंह रावत की नाराजगी अभी तक दूर नहीं हुई है।
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उन्होंने ‘अन्याय सहकर मौन रहना ये बड़ा दुष्कर्म है, अन्यार्थ अपने बंधु को दंड देना धर्म है’ कविता के माध्यम से अपना दर्द बयां किया।
नहीं करेंगे कोश्यारी का प्रचार
बचदा ने कहा कि वह उम्मीदवार भगत सिंह कोश्यारी का समर्थन करेंगे, लेकिन प्रचार के लिए नहीं जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के बाद बचदा रानीखेत में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
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बचदा ने दोपहर के वक्त कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली। उसके बाद देर शाम उन्होंने पत्रकार वार्ता में प्रदेश नेतृत्व द्वारा नैनीताल संसदीय क्षेत्र से उनका नाम पैनल से गायब करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पहुंचा है आघात
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता होने के कारण उन्हें आघात पहुंचा है। वह पैनल में नाम गायब करने का विरोध कर रहे हैं। अलबत्ता वह प्रदेश में पार्टी को सभी सीटें जिताने के लिए संघर्ष करेंगे, लेकिन नैनीताल संसदीय क्षेत्र में भगत सिंह कोश्यारी का प्रचार नहीं करेंगे।
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बचदा ने कहा कि वह सेटिंग और फिक्सिंग के खेल में पिछड़ गए। रानीखेत जिले की मांग को लेकर गेंद उन्होंने प्रदेश सरकार के पाले में डाल दी।