प्रो. रविकांत ने बताया कि बहुत से बच्चे जन्म से ही अंगूठा व बाजू की एक हड्डी विहीन पैदा होते हैं।
इसके चलते उन्हें सामान्य रूप से दैनिक कार्यों जैसे लिखने, भोजन आदि में दिव्यांगता की स्थिति का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकीय दल में डॉ. विवेक सिंह, डॉ. सितांशु बारिक, डॉ. सोविक पॉल, डॉ. अजय कुमार आदि शामिल थे।