हाथियों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। चीला रेंज की हजारा बीट में एक और शावक हाथी की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम करने के बाद सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। वहीं, हाथी के शव को जंगल में दफना दिया गया।
मामला बृहस्पतिवार रात का है। यहां राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज की टीम गश्त पर थी। तभी टीम को हजारा बीट में पानी स्रोत के पास हाथी का एक मृत शावक मिला। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना पहुंची तो हरिद्वार से देहरादून तक हड़कंप मच गया। अंधेरा होने के कारण टीम मृत शावक को जंगल में ही छोड़ आई।
शुक्रवार को चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंच कर शावक का पोस्टमार्टम किया। शावक की उम्र करीब डेढ़ वर्ष बताई जा रही है। रेंजर अनिल कुमार पैन्यूली ने बताया कि प्रथम दृष्टया बीमारी के कारण मौत होना प्रतीत हो रहा है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सकता है।
एक महीने में पांच हाथियों की हुई मौत
एक महीने में पांच हाथी अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें तीन शावक हाथी, जबकि दो नर हाथी शामिल हैं। इनमें एक शावक हाथी बीते महीने चीला रेंज में गड्ढे में गिरने से मरा था, जबकि एक शावक हाथी की लगभग 15 दिनों के उपचार के बाद बीती 25 अप्रैल को मौत हो गई थी। दो नर हाथियों की मौत 19 अप्रैल को सीतापुर जमालपुर फाटक के पास ट्रेन से कटकर हुई थी और अब बृहस्पतिवार को एक और शावक हाथी की मौत से सवाल खड़ा हो गया है।