एक नवजात बच्ची दुनिया में आने के छह दिन बाद चल बसी। परिजनों ने डॉक्टर पर बच्ची के उपचार में लापरवाही बरतने और गलत उपचार देने का आरोप लगाया है। लाचार पिता ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। डीएम सोनिका ने कहा कि सीएमओ से जांच कराई जाएगी। जांच में यदि लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ग्राम कांडा निवासी कुलवीर सिंह ने बताया कि 18 मार्च को उनकी पत्नी ममता को प्रसव पीड़ा उठी। वे पत्नी को प्रसव कराने के लिए जिला अस्पताल बौराड़ी लाए। लेकिन वहां डॉक्टरों ने बच्चे की धड़कन ठीक न होने पर उन्हें ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया। वे पत्नी को चंबा मसीहा अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर राजेश ने आपरेशन किया।
नवजात बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ्य थी। 23 मार्च सुबह 10 बजे डॉक्टर जच्चा-बच्चा देखने वार्ड में आया। उन्हें बिना बताए बच्चे को आपरेशन वार्ड में ले गए। दो घंटे बाद बच्ची को लेकर बाहर आए तो उन्होंने बताया कि बच्ची को पीलिया हो गया। इसे लेकर ऋषिकेश जाओ। परिजन जच्चा-बच्चा लेकर ऋषिकेश निर्मल अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां डॉक्टरों ने नवजात बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
कुलवीर सिंह ने डॉक्टर पर नवजात बच्ची का गलत उपचार करने का आरोप लगाया। कहा बच्ची को आपरेशन वार्ड में ले जाने से पहले उन्हें क्यों सही जानकारी नहीं दी गई। इस संबंध में डा.राजेश का कहना है कि नवजात बच्ची को तेज बुखार और पीलिया हो गया था। परिजनों से विचार-विमर्श के बाद ही जच्चा-बच्चा को यहां से रेफर किया गया।