सेलाकुई में प्रसव के बाद नवजात शिशु की मौत होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने साईं क्लीनिक में जमकर हंगामा किया।
डॉक्टर के खिलाफ दी तहरीर
आरोप है कि डॉक्टर ने प्रसव के दौरान इलाज में लापरवाही बरती है। गुस्साए लोगों ने क्लीनिक में ताला लगा दिया। जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और डॉक्टर को लेकर सेलाकुई चौकी आई। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है।
एसओ यशपाल बिष्ट का कहना है कि जांच के बाद डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। वहीं, डॉक्टर ने प्रसव के दौरान लापरवाही के आरोप को गलत बताया है। हरिपुर निवासी संतोष कुमार की पत्नी हरिप्रिया (24) को 18 अगस्त को लेबर पेन होने पर डॉ. रेखा रानी की साईं क्लीनिक में भर्ती कराया गया।
थोड़ी देर बाद हरिप्रिया ने एक नवजात को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के कुछ देर बाद ही अचानक नवजात नीला पड़ गया। इसके बाद डॉक्टर ने नवजात को हायर सेंटर ले जाने को सलाह दी। परिजन आनन-फानन में नवजात को प्रेमनगर स्थित बोहरा अस्पताल ले गए।
शिशु की हालत देखकर बोहरा अस्पताल के डॉक्टर ने परिजनों को करनपुर स्थित डॉ. वैश्य के अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन नवजात को लेकर डॉ. वैश्य के यहां पहुंचे। यहां नवजात को आईसीयू में रखा गया। लेकिन रविवार सुबह बच्चे की मौत हो गई।
डाक्टरों ने परिजनों को बताया कि प्रसव के दौरान बरती गई लापरवाही की वजह से शिशु की मौत हुई है। इसके बाद गुस्साए परिजन शाम करीब चार बजे प्रधान रीता देवी की अगुवाई में डॉक्टर रेखा के क्लीनिक पहुंचे। परिजनों ने डॉक्टर का घेराव कर क्लीनिक में जमकर हंगामा किया।
दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन करने वालों को क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड में प्रयुक्त होने वाला मानिटर मिला है। लोगों का आरोप है डॉक्टर अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड करती थी।
हंगामे की सूचना पर पहुंची सेलाकुई पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया और डॉक्टर को लेकर चौकी गई। पुलिस ने डॉक्टर को अपनी डिग्रियां दिखाने का सोमवार तक का समय देकर छोड़ दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही मामले में केस दर्ज किया जाएगा।
मेरे पास सभी डिग्रियां हैं। यह अलग बात है कि मैंने डिग्रियां बोर्डों पर लिखी नहीं हैं। डिलीवरी नेचुरल थी। डिलीवरी के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
- डॉ. रेखा रानी, साईं क्लीनिक