विजय पार्क निवासी गौरव आहुजा अपनी नवजात बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे वैश्य नर्सिंग होम ले गए। जहां उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन द्वारा गौरव को फीस जमा करने और कफन लाने के लिए भेज दिया गया। आरोप है कि गौरव कपड़ा लेकर आए, उन्होंने बच्ची का शव दिखाने को कहा तो उन्हें दिखाए बिना ही बच्चे को कपड़े में लपेट दिया गया।
अस्पताल के कर्मचारी ने खुद ही बच्ची को दफनाने की बात कही। नालापानी क्षेत्र में बच्ची को दफना दिया गया। यहां उनकी बच्ची को कागजों में एक जगह मेल दर्शाया गया और एक जगह फीमेल दर्शाया गया। जिस पर गौरव को शक हुआ। वह अगले दिन बच्ची की कब्र के पास दूध रखने पहुंचे तो कब्र खुदी हुई मिली। जिस पर उनका शक और गहरा गया।
परिजनों का आरोप है कि उनकी बच्ची को मरे हुए बच्चे से बदला गया है। डीएनए जांच के डर से ही अस्पताल प्रबंधन ने ही बच्ची का शव गायब कराया है। इस मामले में दोनों पक्षों ने तहरीर दे दी है। पुलिस ने चौकी प्रभारी नालापानी रफत अली इस मामले की जांच कर रहे हैं। रफत अली का कहना है कि अभी मामले में जांच की जा रही है, फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।