कई अपराधियों ने ली उत्तराखंड में शरण
इन 15 सालों में देश में कई ऐसे बड़े कांड हुए जिनमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधसिंहनगर आदि जिलों के नाम सामने आए। नाम सीधे तौर पर अपराध में शामिल होने में नहीं बल्कि अपराधियों की शरणस्थली बनने में इस्तेमाल हुआ। पंजाब में नाभा जेल तोड़ने के मामले से लेकर 2022 में गायक सिद्धू मूसेवाला के शूटरों तक ने उत्तराखंड में शरण ली। हालांकि, मूसेवाला के शूटर यहां इस घटना को अंजाम देने से पहले रुके थे। ऊधमसिंहनगर में पंजाब के कई बड़े अपराधियों ने शरण ली जिन्हें बाद में एसटीएफ ने पकड़ा। इसी तरह हरिद्वार के छोटे छोटे आश्रमों को भी बदमाशों ने अपराध कर छुपने के लिए आश्रयस्थल बनाया।
उत्तराखंड पुलिस कम से कम गोली नहीं मारेगी
दरअसल, यह बात सिर्फ चर्चाओं में ही नहीं थी। बल्कि समय-समय पर पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस के सामने भी कबूल किया कि उन्हें पता था कि अगर पकड़े भी गए तो पुलिस कम से कम एनकाउंटर तो नहीं करेगी। इसी तोहमत को हटाने के लिए पुलिस लंबे समय से इंतजार कर रही थी। आखिरकार 15 साल बाद हरिद्वार के घटनाक्रम से यह अब बीते समय की बात हो गई।
15 सालों से उत्तराखंड में इस तरह का एनकाउंटर नहीं हुआ था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पुलिस पर्यटकों और कानून का पालन करने वालों के लिए मित्र पुलिस है और पेशेवर अपराधियों के लिए काल पुलिस बनने से भी पीछे नहीं हटेगी। देवभूमि की शांति व्यवस्था में बाधा बनने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। उसमें हरिद्वार में हुआ यह एनकाउंटर नजीर बनेगा।
- अभिनव कुमार, पुलिस महानिदेशक