स्वामी रामदेव ने प्रधानमंत्री मोदी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने केवल सौ दिन ही पूरे किए हैं। इतना कम समय किसी के मूल्यांकन के लिए उपयुक्त नहीं है।
इन सौ दिनों में प्रधानमंत्री ने ही नहीं, अपितु पूरी सरकार ने देश को नई दिशा दी है। अभी उन्हें काम करने दें। संत चंद्राचार्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद बाबा रामदेव पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के विकास और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का माहौल तैयार किया है। विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जो लोग देश को आगे ले जाने में जुटे हुए हैं, उन्हें समय देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने देश को गर्त में पहुंचा दिया था। मोदी सरकार हर मोर्चो पर बेहतर काम करते हुए विकास की गति बढ़ाने में जुटी हुई है। उन्हें मौका दें और अभी से काम की आलोचना न करें।
महान धर्म सुधारक थे संत चंद्राचार्य
संत चंद्राचार्य महाराज (श्रीचंद्र) की 520वीं जयंती के अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि वे सनातन धर्म के महान सुधारक थे। सामाजिक समरसता मजबूत करने के लिए उन्होंने पंचदेवोपासना की शुरुआत की। देशवासी सदैव उनके ऋणी रहेंगे।
यह समारोह हरिद्वार के चंद्राचार्य चौक पर आयोजित किया गया। रामदेव ने कहा कि इस सृष्टि के शाश्वत देव शिव हैं। जगद्गुरु चंद्राचार्य उन्हीं के अवतार थे। चंद्राचार्य ने शैव, वैष्णव, शाक्य और गाणपत्य मतावलंबियों को संगठित कर पंचदेवोपासना पद्धति की स्थापना की।
उदासीन संप्रदाय के आचार्य चंद्रदेव महाराज के सिद्धांत आज भी लोगों का मार्ग प्रदर्शित कर रहे हैं। उदासीन अखाड़े के मुखिया महंत भक्त राम ने कहा कि चंद्राचार्य की शक्ति पूरे जगत के काम आ रही है। महंत मोहन दास ने कहा कि शिव के अवतार चंद्राचार्य जीवन भर कुरीतियों के उन्मूलन में लगे रहे।
दक्षिणा के लिए रामदेव को मांगने पड़े रुपए
पूजा करा रहे पंडित जी ने ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी को चढ़ाने के लिए कमल का फूल पकड़ाया। उन्होंने यह फूल रामदेव की ओर यह कहते हुए बढ़ा दिया कि इसके असली हकदार तो वे हैं। बाबा ने मुस्कुराते हुए कमल लिया और श्रीचंद्र महाराज (चंद्राचार्य महाराज) पर चढ़ा दिया।
इसके बाद पंडित ने कहा कि दक्षिणा चढ़ाएं। बाबा रामदेव ने कहा कि उनके पास तो जेब ही नहीं है। दक्षिणा के लिए उन्होंने ब्रह्मस्वरूप से रुपए मांगे। ब्रह्मस्वरूप ने नोटों की गड्डी निकालकर रामदेव को दी और बाबा ने पूरी गड्डी ही पंडित को पकड़ा दी। गड्डी ले पंडित जी गदगद हो गए।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध विद्वान डॉ. विष्णु दत्त राकेश ने कहा कि चंद्राचार्य से बड़ा समाज सुधारक नहीं हुआ। पाखंड के खिलाफ चंद्राचार्य की आवाज देशभर में फैली। इस अवसर पर महामंडलेश्वर हरि चेतनानंद, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, रामानंद पुरी, रवींद्र पुरी तथा जिलाधिकारी डी. सेंथिल पांडियान ने भी विचार रखे।