यह कानून नागरिकता देने के लिए है, लेने के लिए नहीं। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों खासतौर पर जेएनयू के छात्रों को प्रदर्शन खत्म करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, छात्रों को आंदोलन राजनेताओं के लिए छोड़ देना चाहिए।
प्रदर्शनों में शामिल होना और जनसंपत्ति को नुकसान पहुंचाना छात्रों का काम नहीं। आजादी वाले नारों पर रामदेव ने कहा कि आजादी भगत सिंह वाली होनी चाहिए न कि जिन्ना वाली।
राजनीतिक पार्टियों को समझना चाहिए कि पीएम मोदी को देश की जनता ने 2024 तक के लिए चुना है। हमें जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। मोदी को 2024 तक का वक्त देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार को महंगाई से निपटने और अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए भी अहम सुझाव देंगे।