बता दें कि आयुष मंत्रालय ने उत्तराखंड के आयुर्वेद व यूनानी विभाग को लिखे पत्र में दवा पैक का नाम ‘कोरोना किट’ रखने को गलत ठहराया है। साथ ही वायरस की तस्वीर दर्शाने को लेकर आपत्ति जताई है। पत्र में कहा गया है कि इस किट से कोविड-19 के इलाज का दावा नहीं किया जा सकता है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड प्रबंधन के तहत काढ़ा आदि के सेवन के जरिए सरकार इम्युनिटी बढ़ाने पर शुरूआत से जोर दे रही है। मंत्रालय ने अप्रैल में आयुर्वेदिक दवा कंपनियों से इम्युनिटीबूस्टर बनाने की अपील की थी।
इसके बाद पतंजलि इस पर काम कर रही थी। यह प्रयास कोविड प्रबंधन के तहत सराहनीय है। पंतजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट को कोरोना किट का क्लीनिकल ट्रायल जारी रखने की अनुमति मिल गई है।