योग गुरू बाबा रामदेव ने आपदाग्रस्त क्षेत्र के बच्चों को गोद लेने का बीड़ा उठाया है। बाबा रामदेव द्वारा 75 बच्चों को गोद लिया गया है।
उत्तराखंड के नारायण कोटि कस्बे में इसके लिए पंतजलि योगपीठ द्वारा एक भवन किराए पर लेकर सेवाश्रम बना दिया गया है। इस सेवाश्रम में बाबा रामदेव द्वारा गोद लिए गए 75 बच्चों को रखा गया है।
पतंजलि योग पीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि केदार घाटी ने सर्वाधिक पीड़ा झेली है। फलस्वरूप गुप्तकाशी में एक होटल को किराए पर लेकर सेवाश्रम प्रारम्भ कर दिया गया है।
इस सेवाश्रम में अब तक 22 ट्रक राहत सामग्री भेजी गई है। पतंजलि योग पीठ के स्वयं सेवक सेवा कार्यों में जुटे हैं और प्रभावित परिवारों को सवेरे से रात तक नि:शुल्क भोजन, चाय, दूध आदि का वितरण किया जा रहा है। कच्ची रसद भी ग्रामीणों को बांटी जा रही है।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि अब तक 75 बच्चों को पतंजलि योग पीठ गोद ले चुकी है। ये वे बच्चे हैं जो या तो अनाथ हो गए हैं या जिनके अभिभावकों के घर मटियामेट होने के कारण बच्चों को पालने का कोई साधन नहीं।
यदि अभिभावक चाहेंगे तो पतंजलि योग पीठ उनका सभी दायित्व उठाती रहेगी। जो बच्चे अनाथ हैं, उनका दायित्व पहले ही योग पीठ ले चुकी है।
छह करोड़ रुपया एकत्र किया
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि समूचे उत्तराखंड में जितने भी बच्चे अनाथ हुए हैं, यदि उनके परिजन अथवा रिश्तेदार चाहेंगे तो पतंजलि योग पीठ उनको भी गोद लेगी और उनके रहन-सहन के अलावा शिक्षा का दायित्व भी उठाएगी।
पतंजलि योग पीठ ने सेवा कार्यों के लिए करीब छह करोड़ रुपया एकत्र किया है जिसे पहाड़ों पर खर्च किया जाएगा।