एलोपैथी के खिलाफ विवादित बयान देने वाले योग गुरु रामदेव को भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), उत्तराखंड ने खुली बहस की चुनौती दी है। आईएमए, उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. अजय खन्ना ने रामदेव को एक पत्र लिखकर कहा है कि उनका बयान गैर जिम्मेदाराना और स्वार्थ से भरा हुआ है।
इसमें कहा गया है कि पतंजलि योगपीठ के पंजीकृत आयुर्वेदाचार्यों की एक टीम बनाएं, जो आईएमए के डॉक्टरों की टीम से आमने-सामने बैठकर बहस करेंगे। यह भी कहा गया है कि रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण भी आयुर्वेदाचार्यों की टीम में शामिल हो सकते हैं, मगर सिर्फ दर्शक की भूमिका में, क्योंकि इन दोनों ने अपनी डिग्रियां आईएमए को नहीं भेजी हैं।
भूमा पीठीधीश्वर बोले, केवल व्यापार को बढ़ा रहे हैं रामदेव
भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने कहा कि बाबा रामदेव के लिए लोगों की बीमारियां वरदान हैं। यदि लोग बीमार नहीं होंगे तो बाबा रामदेव का योग और दवाइयां नहीं बिकेंगी। केवल पेट और हाथ-पैर घुमाना योग नहीं, बल्कि व्यायाम है। ऋषि परंपराओं के अनुसार साधु-संन्यासी के प्रति समाज में जो सम्मान व आस्था होती है बाबा रामदेव उसी से अपना व्यापारिक साम्राज्य स्थापित कर रहे हैं।