इस मौके पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी, सदस्य साधना त्रिपाठी, टिहरी विधायक धन सिंह नेगी, गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, परियोजना प्रबंधक गिरीश डिमरी, गोपाल थपलियाल, संस्था के प्रबंधक सुरेश बलोदी, आश्रम के सचिव ज्ञान सिंह, अरविंद पुरोहित, चंद्रमणी उनियाल समेत प्रदेश के सभी बाल विधायक और उनके अभिभावक मौजूद रहे।
सृष्टि बनीं तीसरी महिला मुख्यमंत्री
बाल विधानसभा में सृष्टि गोस्वामी ने मंगलवार को तीसरी महिला बाल मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। प्लान इंडिया के राज्य प्रबंधक सुरेश बलोदी ने बताया कि 2014 में पहली बार बाल विधानसभा का गठन किया गया था। जिसमें चंपावत के संदीप पंत पहले बाल मुख्यमंत्री बने थे। उसके बाद पौड़ी की अदिति शर्मा और तान्या बाल मुख्यमंत्री के पद पर चुनी गई थी। नवनिर्वाचित बाल मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी ने कहा कि बच्चों के अधिकार और प्रदेश के विकास के लिए काम किया जाएगा।
विधायकों ने बाल विधायकों को दिए टिप्स
बाल विधानसभा के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे टिहरी विधायक धन सिंह नेगी और गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने बाल विधायकों को राजनीति से जुड़े टिप्स दिए। गोपाल रावत ने कहा कि अपने क्षेत्र की समस्या का समाधान करना विधायक का सबसे पहला काम है। वहीं धन सिंह नेगी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं को ज्यादा से ज्यादा हल करना चाहिए।
पेंसिल से बचेगा बचपन
तीन दिन तक चले बाल विधानसभा में बच्चों को पेंसिल एप की जानकारी दी गई। उत्तराखंड अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य सीमा डोरा ने बताया कि बचपन बचाओ आंदोलन के तहत कोई भी व्यक्ति बाल मजदूरी की सूचना आयोग या भारत सरकार के पेंसिल पोर्टल को दे सकते हैं। पेंसिल पोर्टल पर बाल मजदूरी कर रहे बच्चों का विवरण दे सकते हैं। साथ ही मैसेज से भी बाल मजदूरी की सूचना दी जा सकती है। सीमा डोरा ने कहा कि होटलों, ढाबों, दुकानों और कोठियों में बच्चे पढ़ने-बढ़ने की उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ उठाए अपना बचपन खपा रहे हैं। भारत में बाल मजदूरी उन्मूलन अधिनियम 1986 के तहत बाल मजदूरी करवाना अपराध है। उन्होंने कहा कि 14 साल के उम्र के बच्चे से मजदूरी करवाना और खतरनाक उद्यमों में 18 साल तक के बच्चों से मजदूरी करवाना अपराध है।