बीटेक की पढ़ाई कर रहे एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने तनाव को खुदकुशी का कारण बताया है। हालांकि, तनाव की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। युवक के पिता फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में साइंटिस्ट हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एफआरआई में साइंटिस्ट चरण सिंह परिवार के साथ इंस्टीट्यूट परिसर के आवास में रहते हैं। रविवार शाम चरण सिंह व उनकी पत्नी सब्जी लेने बाजार गए थे। जबकि, 12वीं में पढ़ रही उनकी बेटी भी घर से बाहर थी।
इसी दौरान उनके बेटे मयंक सिंह (20) ने कमरे में पंखे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद चरण सिंह की बेटी घर पहुंची तो भाई को पंखे से लटका देख वह चीख पड़ी। उसने तुरंत पिता को फोन कर घटना की सूचना दी।
चरण सिंह और उनकी पत्नी तुरंत घर पहुंचे और मयंक को नीचे उतारा। इसके बाद परिजन मयंक को लेकर एफआरआई अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मयंक कुछ दिनों से तनाव में थे। कमरे से मिले सुसाइड नोट में भी मयंक ने तनाव का जिक्र किया है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में उसने बहन से डॉक्टर बनकर मम्मी-पापा का नाम रोशन करने के लिए कहा है।