आयुष्मान तहत के राज्य सरकार स्वास्थ्य स्कीम में कर्मचारियों और पेंशनरों को एक जून से कैशलेस इलाज की नई व्यवस्था शुरू हो सकती है। उसके बाद गोल्डन कार्ड पर सभी तरह की जांच और दवाइयां भी कैशलेस हो जाएंगी। इसके अलावा चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। नई व्यवस्था इसी माह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुरू करने की तैयारी चल रही है।
जनवरी 2021 में प्रदेश सरकार ने आयुष्मान योजना के तहत राज्य सरकार स्वास्थ्य स्कीम (सीजीएचएस) में कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू की थी। इसमें कर्मचारियों व पेंशनरों को कैशलेस इलाज में खर्च की कोई सीमा नहीं है।
जांच और दवाइयों के लिए नकद भुगतान नहीं करना पड़ेगा
अभी तक कर्मचारियों व पेंशनरों को भर्ती होने पर कैशलेस इलाज की सुविधा है, जबकि ओपीडी इलाज में जांच और दवाइयों पर होने वाले खर्च की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जाती है। अब इसी जांच और दवाइयों को स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण कैशलेस करने की तैयारी कर ली है। इससे कर्मचारियों व पेंशनरों को जांच और दवाइयों के लिए नकद भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
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प्रदेश में 4.52 लाख से अधिक बने हैं गोल्डन कार्ड
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से अब तक कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के 4.52 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। इन्हीं कार्डधारकों को कैशलेस की नई व्यवस्था से सुविधा मिलेगी।