देहरादून। एक सप्ताह से अधिक से धरना दे रहे आयुष छात्रों के नेता ललित तिवारी की तबीयत बृहस्पतिवार को अचानक बिगड़ गई। इस दौरान सिस्टम की लापरवाही भी देखने को मिली कि ललित को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। ऐसे में अनशनकारी छात्र ही ललित को निजी वाहन से अस्पताल ले गए। इस घटना के बाद एनएसयूआई व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।
बता दें, परेड ग्राउंड में बीते आठ दिनों से निजी कॉलेजों की मनमानी के खिलाफ आयुष छात्र धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को अनशनरत ललित तिवारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। साथी छात्रों का आरोप है कि उन्होंने ललित को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। ललित के हाथ-पैर ठंडे हो रहे थे। ऐसे में जब आधा घंटा बीत गया तो साथियों की मदद से निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस के न आने पर साथी छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने धरनास्थल पर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद वहां कांग्रेस नेताओं की भीड़ लग गई। छात्रों का कहना है कि सरकार और सिस्टम लगातार उनके साथ अन्याय पर अन्याय कर रहा है। वहीं हंगामा बढ़ते देख वहां पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस गरिमा मेहरा दसौनी, प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह, डीएवी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संग्राम सिंह पुंडीर, युवा कांग्रेेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष रोबिन त्यागी, प्रदेश मीडिया प्रभारी संदीप चमोली, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र नेगी, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी, जिलाध्यक्ष सौरभ ममगाईं, हार्दिक, शिवम शुक्ला आदि उपस्थित रहे।