बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आयुर्वेद छात्रों की फीस निर्धारण के लिए स्थायी समिति के शीघ्र गठन करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समिति के अध्यक्ष पद पर न्यायाधीश को नामित करने के लिए हाईकोर्ट से आग्रह किया जाएगा। फीस निर्धारण पर समिति के निर्णय के अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आयुष मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव आयुष दिलीप जावलकर, सचिव न्याय प्रेम सिंह खिमाल, प्रभारी सचिव उच्च शिक्षा विनोद रतूड़ी, अपर सचिव आनंद स्वरूप, संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल, रजिस्ट्रार उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय डॉ.माधवी गोस्वामी आदि मौजूद थे।
सरकार को फीस का निर्धारण करने का अधिकार नहीं था। इसका अधिकार सिर्फ फीस निर्धारण कमेटी को ही है। इसलिए इस मामले को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का 2006 के अनुसार फीस कमेटी निर्धारित करने का निर्णय था। इस आदेश के अनुसार पहले विश्वविद्यालय व कॉलेज को न्यायालय के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए थे। दूसरी बार भी निर्देश जारी किए थे। फिर से सभी कॉलेजों को आदेशों का पालन करने के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।
-डॉ. हरक सिंह रावत, आयुष मंत्री