ऋषिकेश में आंदोलन के दौरान सबसे पहली गिरफ्तारी मेरी और आरएसएस के तत्कालीन नगर कार्यवाह लाखी राम सेमवाल की हुई। हमें एक रात ऋषिकेश थाने के लॉक अप में बंद रखा गया। सुबह कैदी वाला एक वाहन वहां पहुंचा। उसमें वरिष्ठ भाजपा नेता हरबंस कपूर अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे।
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हमें पौड़ी की कांसखेत जेल में ले जाया गया। वहां हम 15 दिन कैद रहे। चमोली, टिहरी व अन्य स्थानों के कार सेवक भी वहीं लाए गए थे। 15 दिन बाद जब छूटकर घर लौटे तो आंदोलन अपने चरम पर पहुंच चुका था। आखिर रामभक्तों का संघर्ष कामयाब रहा। करोड़ों रामभक्तों की अथक मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में भव्य और दिव्य भगवान राम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। 22 जनवरी को मुख्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। भाजपा का हर कार्यकर्ता इस समारोह का हिस्सा बनेगा।