राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन परिसर में बने आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) और एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) को उद्घाटन का इंतजार है। इसके चलते गंभीर मरीजों को आईसीयू के लिए परिजनों को दूसरे अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में कोरोनेशन परिसर में 10-10 बेड के आईसीयू और एचडीयू वार्ड स्थापित किए गए थे। ताकि कोरोना के गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर इन आईसीयू बेड में भर्ती किया जा सके। इस बीच कोरोना के मरीजों की संख्या कम होने पर कोरोनेशन में बनाए गए कोविड वार्ड को बंद कर दिया गया। अब आईसीयू और एचडीयू दोनों वार्ड बनकर तैयार हैं, लेकिन अब तक मरीजों को इनकी सुविधा मिलनी शुरू नहीं हो पाई है।
सूत्रों के अनुसार अधिकारियों की मंशा है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से वार्ड का उद्घाटन कराया जाए। जिला अस्पताल के तत्कालीन प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक एवं वर्तमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि आईसीयू वार्ड लगभग बनकर तैयार है। तीसरी संभावित लहर में बच्चों पर खतरे की आशंका को देखते हुए एचडीयू वार्ड को पीडियाट्रिक एचडीयू के रूप में बदला जा रहा है। जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
दून अस्पताल में सामान्य मरीजों की भर्ती शुरू
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना के चलते बंद की गई इंडोर पेंशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) सेवा को लगभग तीन महीने बाद सोमवार को सामान्य मरीजों के लिए भी शुरू कर दिया गया है। सोमवार को इमरजेंसी में आए जरूरी लगने पर नॉन कोविड 17 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद बीमारी के हिसाब से उन्हें संबंधित वार्ड में भर्ती करने के लिए रेफर किया गया। सोमवार को कोरोना के भी तीन मरीज भर्ती किए गए। अब सामान्य मरीजों के ऑपरेशन भी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
दून अस्पताल को दूसरी लहर में भी जिले में सबसे पहले कोरोना मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से समर्पित कर दिया गया था। कोरोना मरीजों के घटने पर नॉन कोविड मरीजों की समस्या को देखते हुए धीरे-धीरे सामान्य और पोस्ट कोविड मरीजों के लिए लगभग दो हफ्ते पहले ओपीडी सेवाएं भी शुरू की जा चुकी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जरूरत लगने पर नॉन कोविड मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने बताया कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के निर्देश पर धीरे-धीरे सामान्य मरीजों के लिए भी चिकित्सा सेवाओं को शुरू किया जा रहा है। सोमवार को जिन मरीजों को भर्ती कराया गया है, उनमें से अगर किसी को ऑपरेशन की जरूरत होगी तो कोरोना समेत विभिन्न जांच सही पाए जाने के बाद उनका ऑपरेशन किया जाएगा।