आपदा में बही प्रदेश की 11 संचालित और छह निर्माणाधीन लघु जलविद्युत परियोजनाओं को फिर शुरू करने में एक से डेढ़ साल तक का वक्त लग सकता है।
इन परियोजनाओं की मरम्मत के लिए केंद्र से लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपये के बजट का इंतजार किया जा रहा है। जलविद्युत निगम की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव शासन के जरिये केंद्र को भेजा गया है।
बिजली संकट गहराने की आशंका
माना जा रहा है कि बजट स्वीकृत होने और काम शुरू होने के बाद सितंबर 2014 के बाद ही परियोजनाएं फिर उत्पादन कर सकेंगी।
खास बात यह है कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में बड़े क्षेत्र में इन परियोजनाओं के जरिये ही विद्युत आपूर्ति की जाती थी। इससे आने वाले समय में बिजली संकट गहराने की आशंका बनी हुई है।