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दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए यह है शुभ मुहूर्त

Sun, 08 Nov 2015 12:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का बड़ा ही महत्व है। इसलिए दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में जरूर जानिए।
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ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि दीपावली (11 नवंबर) को प्रदोष व्यापिनी अमावस्या है। इस दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन एवं दीपदान करना उत्तम रहेगा। बहीखाता पूजन का सबसे शुभ समय शाम 4.05 बजे से 5.25 बजे शाम तक लाभ की चौघड़िया में रहेगा। प्रदोष काल शाम 5.18 बजे से 7.42 बजे तक रहेगा।

अमावस्या 10 नवंबर की रात 9.15 बजे शुरू होगी जो कि 11 नवंबर को रात 11.10 बजे तक रहेगी। 11 नवंबर को प्रदोष काल शाम 7.42 बजे तक है। विशाखा नक्षत्र मध्याह्न 1.23 बजे आरंभ होगा, सौभाग्य योग रात 4.25 बजे तक रहेगा। तुला राशि का सूर्य एवं चंद्रमा रहेगा।
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दीपावली पर धन लाभ के लिए ऐसे करें पूजन

रात्रि में चारमुखी दीप जलाकर श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त एवं कनक धारा स्तोत्र का पाठ करने के साथ ही लक्ष्मी, गणेश, काली, कुबेर का पूजन करना शुभ रहेगा।

उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार अमावस्या तिथि रात 11.10 बजे तक रहेगी। शाम को 4.05 बजे से 5.25 बजे तक लाभ की चौघड़िया में बहीखाता पूजन सबसे अधिक शुभ रहेगा।

डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार इस समय पूजन न कर पाने वाले शाम को 5.33 से 7.28 बजे तक वृष लग्न में भी खाता पूजन कर सकते हैं।
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जानिए, कब होगा शुभ लग्न

निशिथ काल- निशिथ काल रात्रि 8 बजे से 10.42 बजे रात तक रहेगा। रात 9.42 तक मिथुन लग्न मध्यम एवं इसके बाद कर्क लग्न रात्रि 12.05 तक विशेष शुभ है। रात 8.40 से 10.20 तक अमृत की चौघड़िया रहेगी। इसके पश्चात 12.02 मिनट रात्रि तक चर की चौघड़िया रहेगी। इस अवधि में श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त का पाठ करना फलदायी होगा।

महानिशिथ काल- रात्रि 10.42 बजे से 1.24 बजे तक महानिशीथ काल रहेगा। रात 12.02 बजे तक चर की चौघड़िया तथा कर्क लग्न रहेगा। यह समय श्री महालक्ष्मी पूजन, महाकाली उपासना, तांत्रिक क्रिया आदि के लिए शुभ है।
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