वे वहां से एसटीएच पहुंच गए। तब तक चिकित्सकों की टीम ने लड़की का परीक्षण शुरू कर दिया था। पता चला कि पत्थर से लड़की के चेहरे पर वार किया गया है जिससे उसका जबड़ा टूट गया है। होंठ से ठुड्डी तक और सिर के पीछे गहरे घाव हैं। इधर, डाॅक्टर बालिका की हालत खतरे से बाहर, लेकिन नाजुक बता रहे हैं।
बालिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शायद डर की वजह से वह बार-बार बयान बदल रही है। मौके पर डॉग स्क्वाॅयड को भेजा गया है। साथ ही सीओ को पूरे मामले की गहन छानबीन के लिए कहा है। -पंकज भट्ट, एसएसपी, नैनीताल
मौके पर ही पड़ा था खाना और पानी, गुटखे की पीक के मिले निशान
राजपुरा गेट से उत्तर की तरफ करीब एक किलोमीटर दूर नदी की ओर जंगल किनारे झाड़ियों में नाबालिग लहूलुहान पड़ी थी। मौके पर पानी की बोतल, पॉलीथिन में खाने का डिब्बा और नमकीन पड़ी थी। यह जगह पैदल कच्चे रास्ते से करीब 150 मीटर दूर जंगल की ओर है। उधर, घटनास्थल के पास गुटखे की पीक के निशान पाए गए हैं।
सिर पर गहरी चोट की आशंका
हल्द्वानी। नाबालिग लड़की के चेहरे और सिर पर इस कदर वार किए गए थे कि वह सही से बात नहीं कर पा रही है। पुलिस जब उसे अस्पताल लेकर पहुंची तो उसने खुद ही अपना और पिता का नाम बताया। उसके सिर में गहरी चोट का भी अंदेशा जताया जा रहा है।
माया ने बकरी को बुलाया तो संध्या की आवाज आई...बचाओ
राजपुरा में कुष्ठ आश्रम के पास रहने वाली माया और उसका पति बकरियां चराने गए थे। इस दौरान माया ने बकरियों को जब आवाज लगाई तो घायल लड़की ने तीन बार बचाओ-बचाओ की गुहार लगाई। माया की मानें तो बकरियां चराते वक्त जंगल की ओर चली गई थी। बकरियां जंगल में गुम न हो जाएं, इस पर उन्होंने बकरियों को बुलाने के लिए आओ की आवाज लगाई। इस बीच जंगल किनारे झाड़ियों से बचाओ की आवाज आई। माया घबरा गईं। उन्होंने अपने पति को वहां भेजा।
सुरेश ने देखा तो वहां लहूलुहान बालिका पड़ी थी। तभी क्रिकेट खेलने जा रहे पंकज, संतोष, संजय और सौरभ अपने साथियों के साथ गुजर रहे थे। माया ने उन्हें रोका और मदद मांगी। लड़के मौके पर गए, लेकिन इस डर से उन्होंने संध्या की मदद नहीं की कि कहीं वे पुलिस के चक्कर में न फंस जाए। इस पर पंकज ने अपने दो साथियों को मौके पर छोड़ा और अन्य दो साथियों के साथ राजपुरा चौकी पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद एक कट्टे से उठाकर लड़की को अस्पताल ले जाया गया।