कला मंच संस्था की और से नगर निगम सभागार में आयोजित 'मूंछ'नाटक का मंचन करते कलाकार।
कला मंच की ओर से नगर निगम टाउन में नवीनतम नाट्य प्रस्तुति ‘मूंछ’ का मंचन किया गया। नाटक में पुरातन समय की सामंती व्यवस्था पर प्रहार किया गया है।
शनिवार को विजय गौड़ के निर्देशन में मूंछ नाटक के मंचन में शानदार कहानी व अभिनय ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। नए तरह की कहानी के इस मंचन में पुराने समय की सामंती परंपरा की झलक दिखाई गई। इसमें ठाकुर का किरदार अहम रहा। उनकी मूंछ का आशय पूंजीवादी मानसिकता वाले लोगों से था, जो पैसे के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं। उन्होंने लोगों को ऐसी मानसिकता को आदर्श समाज के लिए खतरनाक बताया और डायलॉग के साथ कटाक्ष भरे अंदाज में लोगों से इस तरह मानसिकता का त्याग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष एके अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजीव जैन, सचिव नरेंद्र शाह, उपाध्यक्ष डॉ. जागृति डोभाल, सह सचिव संदीप नायक, प्रदीप शर्मा, प्रचार सचिव जगदीश बाबला आदि उपस्थित रहे।