यानि अब हर दूरबीन पर दस हजार रुपये की बचत होगी। इसकी रेंज करीब छह सौ मीटर है। और इसका वजन 550 ग्राम है। लंबाई 220 मिमी है। इसका प्रयोग सेना के साथ ही अर्द्धसैनिक बल के जवान करते हैं।
अभी सेना को करीब 13000 दूरबीन की जरूरत है। इसके लिए पिछले दिनों सेना ने टेंडर किए थे। जिसमें आयुध निर्माणी ने भाग लिया है। यह आयुध निर्माणी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस दौरान आयुध निर्माणी के अपर महाप्रबंधक एससी झा, कैलाश प्रसाद, आरशर्मा, शर्मिष्ठा कौल, वीरेंद्र चौधरी, राहुल कनौजिया, दिव्या गौतम आदि मौजूद रहे।