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आयुष्मान फर्जीवाड़ा: पांच अस्पतालों ने सरकारी खजाने में जमा कराई क्लेम की रकम, अब नहीं चलेगा केस

Mon, 30 Sep 2019 08:48 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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आयुष्मान योजना - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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अटल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले प्रदेश के पांच निजी अस्पतालों ने गलत ढंग से प्राप्त किए गए क्लेम की राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी है। अब इन अस्पतालों पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। पैसा लौटाने पर राज्य स्वास्थ्य अभिकरण ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर अस्पतालों पर कानूनी कार्रवाई न करने को कहा है।

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आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड से मरीजों का इलाज करने में 13 निजी अस्पतालों का फर्जीवाड़ा सामने आया था, जिनमें अस्पतालों ने अनुबंध के नियमों को नजरअंदाज कर मोटी कमाई के लिए गलत ढंग से सरकार से क्लेम लिया।

जांच में फर्जीवाड़ा सही पाए जाने पर राज्य स्वास्थ्य अभिकरण ने अस्पतालों का अनुबंध निरस्त कर पेनल्टी लगाई थी। नोटिस के बाद भी गलत ढंग से ली गई क्लेम राशि वापस न होने पर अभिकरण ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा था।
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सरकार की सख्ती से पांच अस्पतालों ने पेनल्टी की राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी है। जिससे अब इन अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने डीजीपी को पत्र भेज कर संबंधित थानों प्रभारियों को एफआईआर दर्ज न करने के लिए निर्देश देने को कहा है।

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इन अस्पतालों ने लौटाया पैसा

निजी अस्पताल का नाम                    जमा कराई गई राशि
आस्था हास्पिटल काशीपुर                    एक लाख 68 हजार 200 रुपये
कृष्ण हास्पिटल रुद्रपुर                        एक लाख 67 हजार 400 रुपये
अली नर्सिंग होम काशीपुर                    चार लाख 78 हजार 800 रुपये
देवकी नंदन हास्पिटल काशीपुर            तीन लाख 24 हजार 550 रुपये
एमपी मेमोरियल हास्पिटल काशीपुर     18 लाख 52 हजार 700 रुपये

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों ने रिकवरी की राशि जमा कर दी है। जिससे अब अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। पैसा जमा करने वाले अस्पतालों पर मुकदमा दर्ज न करने के लिए डीजीपी को पत्र भेजा गया है।
- डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य अभिकरण
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