केस टू: टर्नर रोड निवासी शिवप्रकाश ने बताया कि टर्नर रोड पर भी एक दुकान में संभवत: मार्च के अंतिम सप्ताह में एक दुकान में कैंप लगाया गया था। तब उन्होंने भी अन्य लोगों की तरह परिवार के प्रत्येक सदस्य के 30-30 रुपये के हिसाब से भुगतान और राशन कार्ड समेत जरूरी कागजात जमा किए थे। चार महीने हो गए, लेकिन ज्यादातर के कार्ड अब तक नहीं बने हैं।
यह मामले तो महज सिर्फ उदाहरण भर हैं। इस समय शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की तादात बताई जा रही है, जिनके साथ यह समस्या सामने आ रही है। जिससे कई जरूरतमंद मरीज केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का फायदा उठाने से वंचित हो रहे हैं। विभिन्न मोहल्ले और कॉलोनियों में लगे कैंप में जिन लोगों ने आयुष्मान और अटल आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया था और उनके कार्ड नहीं बन पाए हैं वे अब कॉमन सर्विस सेंटर के चक्कर काट रहे हैं।
नेहरू कॉलोनी स्थित देवभूमि जन सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) के प्रबंधक मुकेश शर्मा ने बताया कि हमारे पास ऐसा साफ्टवेयर नहीं है, कि दूसरे की आईडी से बनाए कार्ड हम निकाल सकेंगे। वहीं, बंगाली कोठी स्थित देवभूमि जन सेवा केंद्र सीएससी के प्रबंधक विपिन भंडारी ने बताया कि इस तरह के मामले उनके पास भी आ रहे हैं।
सीएमओ ने कहा, करेंगे वैकल्पिक व्यवस्था
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले संबंधित व्यक्ति से संपर्क करें, जिन्होंने कैंप लगाया था। फिर भी दिक्कत हो रही है तो सीएमओ कार्यालय में पहुंचे। ऐसे मामलों को दिखवाकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। साथ कार्ड न बनाए जाने की जांच भी की जाएगी।
दून अस्पताल में कराएं क्रास चेक
दून अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि महानिदेशालय के निर्देश पर अस्पताल में अटल आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए एक सेंटर बनाया गया है। जिन्हें दिक्कत आ रही है, वे अस्पताल में आकर क्रास चेक करा सकते हैं। उनका दोबारा कार्ड बनाया जा सकता है।