रामपुर मंडी स्थित वानिकी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में प्रदेश के 22 वन प्रभागों की 42 प्रशिक्षु महिलाओं ने वन आरक्षी के रूप में सफलता पूर्वक अपना प्रशिक्षण पूर्ण किया। पासिंग आउट परेड के साथ ही इन महिला आरक्षियों ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मुख्य वन संरक्षक (गढ़वाल) धीरज पांडेय और विशिष्ट अतिथि वन संरक्षक राजीव धीमान ने नवनियुक्त आरक्षियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षुओं को पुरस्कृत किया गया। मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि वन आरक्षी के रूप में अब इन महिलाओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनसहभागिता आधारित वन प्रबंधन में आप सभी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए वन विभाग की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। विशिष्ट अतिथि राजीव धीमान ने प्रशिक्षुओं को तकनीकी रूप से सक्षम होने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन परेड के साथ हुआ, जिसमें महिला आरक्षियों ने अनुशासन का परिचय देते हुए विभाग के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली। दीक्षांत समारोह में प्रभागीय वनाधिकारी चकराता वैभव कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी विभु, वानिकी प्रशिक्षण केंद्र के अनुदेशक आनंद सिंह रावत सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षुओं के परिजन मौजूद रहे।