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Iदून अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर की इमरजेंसी में नाइट ड्यूटी लगाए जाने से उनमें खासी नाराजगी है। इसको लेकर उन्होंने दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा है।I
Iअस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी हाल में सभी एसोसिएट प्रोफेसर की इमरजेंसी में नाइट ड्यूटी को लेकर रोस्टर जारी किया गया था। इस पर सभी ने आपत्ति जताते हुए, अस्पताल प्रबंधन से इसको लेकर गाइडलाइन और एसओपी मांगी है। साथ ही भेदभाव का भी आरोप लगाया है।
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Iएसोसिएट प्रोफेसर के मुताबिक नाइट में सिर्फ उन्हीं की ड्यूटी लगाई है। ऐसे में ओपीडी में मरीज देखना, कॉलेज में कक्षाएं लेना और ऑपरेशन करना काफी मुश्किल होगा। इसके लिए न तो कोई गाइडलाइन है और न ही कोई एसओपी बनाई गई। ऐसे में उनके लिए काम करना काफी मुश्किल होगा।I
Iइसमें एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आस्था भंडारी रावत, डॉ. हिमानी पाल, डॉ. हर्षिता डबराल, डॉ. आस्था पंत, डॉ. जेएस बिष्ट, डॉ. नीरज सारस्वत, डॉ. हरीश बसेरा और डॉ. हिमानी शर्मा के अलावा कई लोग शामिल रहे।
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Iअस्पताल की इमरजेंसी में एसोसिएट प्रोफेसर की नाइट ड्यूटी लगाने के लिए रोस्टर तैयार किया गया है। इसको लेकर अस्पताल के सभी एसोसिएट प्रोफेसर आए थे। उनकी सभी मांगों को सुना गया है। अस्पताल के अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। -डॉ. गीता जैन, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेजI