विजिलेंस ने फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में विद्युत कनेक्शन के नाम पर स्थलीय निरीक्षण के नाम पर 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सहायक विद्युत निरीक्षक (राज पत्रित अधिकारी) को रुड़की स्थित कार्यालय से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ने आरोपी के हल्द्वानी स्थित आवास की भी तलाशी ली। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस के निदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीणा ने मुख्यालय पर बताया कि हरिद्वार के एक फैक्ट्री संचालक ने विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक को शिकायत कर बताया था कि सिडकुल कोटद्वार, पौड़ी स्थित भूखंड पर नेट फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क जमा कराकर विद्युत खंड कोटद्वार, पौड़ी में आवेदन किया था। कनेक्शन स्वीकृति के लिए विद्युत भार के संबंध में रुड़की स्थित विद्युत सुरक्षा विभाग के सहायक विद्युत निरीक्षक की स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट जरूरी थी।
इसके लिए पत्रावली तैयार कर सहायक विद्युत निरीक्षक कार्यालय रुड़की हरिद्वार में जमा करा दी थी। फैक्ट्री संचालक ने विद्युत सहायक निरीक्षक प्रमोद सिंह अधिकारी निवासी सुभाष नगर, भोटिया पड़ाव, हल्द्वानी से रुड़की स्थित कार्यालय में मिला। आरोप है कि स्थलीय निरीक्षण के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत की डिमांड की। बाद में राज पत्रित अधिकारी बारह हजार रुपये पर राजी हो गया। निदेशक मीणा के बताया कि प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रेप टीम गठित कर दी गई। विजिलेंस ने शुक्रवार को पौने बारह बजे के करीब सहायक विद्युत निरीक्षक प्रमोद कुमार को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।