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देहरादून: रिश्वतखोर सहायक अकाउंटेंट को चार साल जेल, 12 साल बाद मिली सजा 

Fri, 31 May 2019 09:45 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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लकड़ी ढुलाई का चेक देने की एवज में तीन हजार रुपये रिश्वत लेने वाले वन विकास निगम के सहायक अकाउंटेंट दयाल सिंह रावत को चार साल की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश विजिलेंस आरके खुल्बे की अदालत ने अलग अलग धाराओं में 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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जुर्माना अदा न करने पर चार माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन के मुताबिक जुलाई 2007 को वन विकास निगम के ठेकेदार विनोद कुमार चौहान ने विजिलेंस से शिकायत की थी।

विनोद ने बताया था कि वह टेंडर के आधार पर पेड़ों के कटान और ढुलाई का काम करता था। वर्ष 2007 में उसने पांवटा मार्ग के किनारे यूकेलिप्टिस के पेड़ों का कटान और हरबर्टपुर डिपो में ढुलाई की थी।

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इसका कुल भुगतान 33 हजार रुपये होना था। इस भुगतान को लेने पर जब वह वरिष्ठ अकाउंटेंट के पास पहुंचा तो उन्होंने चेक सहायक अकाउंटेंट दयाल सिंह रावत से लेने की बात कही।

दयाल सिंह ने चेक देने के बदले तीन हजार रुपये मांगे। इसके बाद ठेकेदार विनोद चौहान ने रुपये मांगने की शिकायत विजिलेंस में कर दी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने 11 जुलाई 2007 को दयाल सिंह को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

अदालत ने सुनाई के बाद दयाल सिंह रावत को दोषी पाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग अलग धाराओं में चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कुल 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। 
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