देहरादून से बाहर गैरसैंण में हो रहा विधानसभा का 9 जून से शुरू हो रहा तीन दिवसीय सत्र कई मायनों में अनूठा होगा।
पहली बार ऐसा होगा कि बड़े बाबुओ यानि नौकरशाहों को इस बार ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी। क्योंकि उनकी सपोर्ट के लिए इस बार विभागाध्यक्ष या विभाग के अन्य अफसर विधानसभा में सत्र के दौरान मौजूद नहीं रहेंगे।
विभागाध्यक्षों को गैरसैंण जाने से रोका
गैरसैंण में विधानसभा सत्र को लेकर नौकरशाही हलकान है। क्योंकि सरकार ने सत्र में जाने वालों की संख्या कम करने के लिए विभागाध्यक्षों को गैरसैंण जाने से रोक दिया है।
इसी चक्कर में सचिव व प्रमुख सचिवों को ही सदन के भीतर मंत्री को सपोर्ट करना होगा। सवालों व अनुपूरक सवालों के जवाब देने के लिए ज्यादा होमवर्क करना पड़ेगा।
इसीलिए हर सचिव व प्रमुख सचिव अपने विभाग के अफसरों को बुलाकर फाइलों में माथापच्ची कर रहे हैं।
अभी तक यह होता था कि सदन के भीतर जब विपक्ष के सवालों की बौछार मंत्री पर होती थी तो अफसर दीर्घा में सपोर्ट के लिए सचिव व प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहते थे।
जैसे ही मंत्री के घिरने की नौबत आई वैसे ही अफसर दीर्घा से पर्ची मंत्री के पास पहुंच गई। यह सब काम इस बार ब्यूरोक्रेट को करना है।
विभागाध्यक्षों के होने पर सचिव व प्रमुख सचिवों की भी परेशानी नहीं होती थी। लेकिन इस बार विभागाध्यक्ष नहीं होने के कारण बडे बाबुओ को कड़ी मेहनत से होमवर्क करना होगा।
वर्ना, सदन के भीतर किसी भी मंत्री की बखिया उधेड़ने में विपक्ष एक मिनट की देरी नहीं करेगा।
सत्र समाप्ति तक अफसरों की छुट्टी पर रोक
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र केमद्देनजर सभी अफसरों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
अपर मुख्य सचिव से लेकर डीएम एसएसपी और तहसील व ब्लॉक और न्याय पंचायत तक के अफसर भी अवकाश पर नहीं रहेंगे।
सख्त हिदायत दी गई है कि यदि किसी विभाग की उक्त विभागाध्यक्ष के मुख्यालय से बाहर कोई बैठक है तो उसे तत्काल रद्द कर दे। यदि कोई अधिकारी इस आदेश की अवहेलना करता पाया गया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भाजपा के दो विधायकों ने किया गैरसैंण सत्र
हरिद्वार से भाजपा के दो विधायकों ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
दोनों ने कहा कि सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करे और समयबद्धता के साथ विधानभवन का निर्माण कराकर तब सत्र चलाए, क्योंकि यह सत्र पहाड़ की जनता के साथ छल है और पंचायत चुनाव में वोट बटोरने का हथकंडा है।
हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद और लक्सर से भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि उन्होंने गैरसैंण में विधानसभा सत्र का बहिष्कार कर दिया है।
कहा कि कांग्रेस ने पौने दो वर्ष पहले कैबिनेट बैठक गैरसैंण में की थी, डेढ़ वर्ष पहले विधानभवन का शिलान्यास किया।
सरकार को यह बताना चाहिए कि अब तक विधानभवन की एक भी ईंट क्यों नहीं लगी। ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि निर्माण कंपनियों को एडवांस पैसा देकर सरकार भूल जाती है।
दोनों ने कहा कि पहाड़ की जनता को इस सत्र से कोई फायदा नहीं होगा।