दिनेश मोहनिया ने कहा कि उत्तराखंड में रोजगार की कमी से पैदा हुआ पलायन, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और सरकारी स्कूल कॉलेजों में अच्छी शिक्षा का अभाव तीन प्रमुख समस्याएं हैं, जिससे दिल्ली की तर्ज पर निपटा जाएगा।
राज्य में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए अनियंत्रित विकास, अवैध कब्जे, भ्रष्टाचार और प्रकृति से खिलवाड़ जैसे मुद्दों पर पार्टी मुखर रहेगी।
दिल्ली की तर्ज पर उत्तराखंड में भी जनता के सहारे चुनाव लड़ा जाएगा और जनता ही पार्टी के लिए पैसा और वोट मांगेगी।