बिरमोऊ मोटर मार्ग के करीब छह किमी हिस्से का सात साल बाद भी डामरीकरण नहीं हुआ है। जिस कारण लोगों की आवाजाही बनी हुई है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को कालसी-चकराता और चकराता मसूरी मोटर मार्ग से जोड़ने है। ग्रामीणों ने शेष हिस्से के डामरीकरण की मांग की है।
वर्ष 2006 में बिरमोऊ मार्ग का निर्माण किया गया। वर्ष 2015 में इस मार्ग का विस्तार कर इसे कालसी-चकराता मोटर मार्ग के लाल पुल से जोड़ दिया गया, लेकिन आज भी मार्ग का विस्तारित किया गया छह किमी हिस्सा उपेक्षा का शिकार है, जबकि इस मार्ग से बंतोऊ, बिनोऊ, बिरमौऊ, पर्यटक स्थल रामताल गार्डन, नवीन चकरात पुरोड़ी की 1500 से अधिक की आबादी जुड़ी हुई है।
स्थानीय निवासी सूरत सिंह, हुकम सिंह, राजेंद्र सिंह, टीकम सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि मोटर मार्ग की सुरक्षा दीवारें जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। बरसात का मलबा भी जगह-जगह आया हुआ है। जिससे मार्ग संकरा हो गया है। बरसात के दिनों में लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहन चलाना और भी मुश्किल हो जाता है। ब्लॉक प्रमुख कालसी मठौर सिंह चौहान का कहना है कि शीघ्र ही मार्ग के डामरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
इस संबंध में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के स्तर से प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराया गया है। प्रस्ताव आने पर इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। -एसएस बिष्ट, सहायक अभियंता, लोनिवि खंड चकराता