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Uttarakhand: एशियन वाटरबर्ड सेंसस के तहत गणना, 126 प्रजातियों के 5806 प्रवासी पक्षी मिले, कई दुलर्भ भी शामिल

Wed, 21 Jan 2026 11:54 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर/हरबर्टपुर।

सार

आसन वेटलैंड में प्रवास कर रहे पक्षियों की गणना की गई। इस दौरान स्टेप ईगल, कॉमन पोचार्ड, फेरूगिनस डक, इजिप्शियन वल्चर, पालाश फिश ईगल, एशियन वूली नेक्ड स्टॉर्क, रिवर लैपविंग जैसी दुलर्भ व संकटग्रस्त प्रजातियों के पक्षी भी वेटलैंड में दिखाई दिए।

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प्रवासी पक्षी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उत्तराखंड में एशियन वाटरबर्ड सेंसस के तहत चल रहे प्रवासी पक्षियों की गिनती का अभियान आसन वेटलैंड में चलाया गया। इस दौरान 126 प्रजातियों की 5806 पक्षियों की गणना की गई। गणना के दौरान कुछ ऐसी प्रजातियों के पक्षी भी वेटलैंड में दिखाई दिए जो या तो दुर्लभ हैं या फिर संकटग्रस्त श्रेणी में आते हैं। गणना में भारी संख्या में पक्षी प्रेमी, स्वयंसेवक, छात्र-छात्राएं व वनकर्मी शामिल रहे।

अंतरराष्ट्रीय जलपक्षी गणना के 40वें और भारतीय जलपक्षी गणना के 60वें अभियान के तहत आसन वेटलैंड में प्रवास कर रहे पक्षियों की गणना की गई। इस दौरान स्टेप ईगल, कॉमन पोचार्ड, फेरूगिनस डक, इजिप्शियन वल्चर, पालाश फिश ईगल, एशियन वूली नेक्ड स्टॉर्क, रिवर लैपविंग जैसी दुलर्भ व संकटग्रस्त प्रजातियों के पक्षी भी वेटलैंड में दिखाई दिए। सबसे अधिक संख्या में सुर्खाब वेटलैंड में नजर आया।

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2024 में की गई पक्षी गणना 
इस प्रजाति के पक्षी की संख्या 983 चिह्नित की गई। अधिक संख्या में सुर्खाब के आने के कारण ही वेटलैंड को रामसर साइट का दर्जा भी मिला हुआ है। गणना के समनव्यक संजय सोंधी ने बताया पक्षी गणना का आंकड़ा पिछले वर्ष की अपेक्षा बेहतर रहा। 2024 में की गई पक्षी गणना में 118 प्रजातियों के 5287 पक्षी वेटलैंड में पाए गए थे जबकि इस बार 126 प्रजातियों के 5806 पक्षी गिने गए हैं।

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गणना के इस कार्य में उत्तराखंड वन विभाग, उत्तराखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड, ई बर्ड इंडिया, एशियन वाटरबर्ड सेंसस, कई शैक्षणिक संस्थानों व तितली ट्रस्ट, दून नेचर वॉक, वाइल्ड लाइफ प्रिवेंशन सोसायटी आदि के प्रतिनिधि शामिल रहे। 

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