केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य एएसआई (आर्किलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया) ने शुरू कर दिया है। एएसआई ने इसके लिए दो टीमों का गठन किया है।
साइंस टीम मंदिर के अंदर और बाहर धूप बत्ती और दीपक जलने के कारण खराब हुई दीवारों की सफाई कर रही है, जबकि मेकेनिकल टीम आपदा के कारण मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत में जुटी है।
रात में हो रहा है काम
मंदिर के अंदर साइंस ब्रांच की ओर से रात नौ बजे से सुबह चार बजे तक काम किया जा रहा है। मैकेनिकल टीम मंदिर से उखड़े पत्थरों के स्थान पर नए पत्थर लगाने का काम कर रही है। इसके लिए राजस्थान से छह मिस्त्री लाए गए हैं।
मैकेनिकल टीम की निगरानी में परिक्रमा स्थल में फैले मलबे की सफाई की जा रही है। अभी तक मंदिर के पूर्वी भाग का मलबा साफ किया जा चुका है।
सोनप्रयाग तक पहुंची लकड़ी
एएसआई के चीफ इंजीनियर आएस भदौरिया ने बताया कि पत्थर तराशकर क्षतिग्रस्त स्थानों पर लगाए जा रहे हैं।
गर्भ गृह में देवदार की लकड़ी का फर्श बिछाने के लिए सोनप्रयाग तक लकड़ी पहुंच चुकी हैं। शीघ्र ही इसे धाम तक पहुंचाया जाएगा।