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भाजपा के स्मृति चिह्न पर छपा कुछ ऐसा कि मंच गया हंगामा, हो सकती है जेल

Sat, 14 Jul 2018 10:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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स्मृति चिन्ह पर बनी अशोक लाट - फोटो : amar ujala
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सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी ने जाने या फिर अनजाने में केंद्रीय कानून का उल्लंघन कर दिया है।

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दरअसल, काशीपुर में आयोजित प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में आए अतिथियों को आयोजकों की ओर से स्मृति चिन्ह  भेंट किए गए, उनमें राष्ट्रीय चिह्न अशोक की लॉट का भी इस्तेमाल किया गया है। अशोक की लाट का इस तरह से इस्तेमाल भारत के राज्य प्रतीक चिन्ह (अनुचित उपयोग का निषेध) अधिनियम-2005 के तहत कानूनन अपराध है । इसके दुरुपयोग पर कानून में सजा का भी प्रावधान है।

काशीपुर में आज प्रदेश भाजपा का कार्यसमिति का समापन हो गया। इस कार्यसमिति में प्रदेश के अलावा भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के पदाधिकारियों ने भी शिरकत की। इस आयोजन के दौरान ही आयोजकों की ओर से मंचासीन अतिथियों  को स्मृति  चिन्ह भी भेंट किए गए। इसमें एक तरफ राष्ट्रीय चिह्न अशोक की लाट का इस्तेमाल किया गया है, तो दूसरी तरफ भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के फूल के साथ प्रदेश कार्यसमिति 12 जुलाई काशीपुर लिखा गया है।

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अशोक की लाट का स्मृति चिह्न में इस्तेमाल चर्चा का विषय 

ये प्रतीक चिन्ह भाजपा के सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और मु्ख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत अन्य अतिथियों  को भेंट किए गए।

अशोक की लाट का स्मृति चिह्न में इस्तेमाल चर्चा का विषय बना हुआ है। कानून के जानकारों का कहना है कि कोई भी निजी व्यक्ति, संस्था या कोई सियासी दल अशोक की लाट का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।  नाम के इस कानून में साफ कर किया गया है कि भारत के प्रतीक चिन्ह का कोई भी निजी तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकते। ऐसा करने पर इस कानून के उल्लंघन पर सजा के साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।

कोई निजी व्यक्ति, संस्था या राजनीतिक दल राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकता। भारत के राज्य प्रतीक चिह्न  (अनुचित उपयोग का निषेध) अधिनियम-2005 की धारा-तीन से इस पर रोक लगाई गई है। अगर कोई प्रतीक चिह्न का गलत इस्तेमाल करता है तो इसी अधिनियम की धारा-सात में दो साल तक की सजा और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित करने का प्रावधान है।
- नदीम उद्दीन, एडवोकेट, नैनीताल हाईकोर्ट   
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