आशा कार्यकत्रियां आज मानदेय, लंबित भुगतान और अन्य मांगों को लेकर विधान सभा कूच करेंगी। उन्होंने राज्य सरकार पर लंबे समय से अनदेखी का आरोप लगाया है। संगठन पदाधिकारियों का दावा है कि पूरे प्रदेश से 12 हजार से अधिक आशाएं प्रदर्शन में भाग लेंगी।
उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने कहा कि अन्य स्कीम वर्कर्स की तरह मानदेय, वर्ष 2012, 2013 और 2015 की प्रोत्साहन राशि का एकमुश्त भुगतान, बोनस का भुगतान और 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर विधानसभा कूच किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आशाएं गर्भवती महिलाओं का प्रसव के समय तक ध्यान रखने से लेकर टीकाकरण, पोलियो अभियान व परिवार नियोजन तक में सहयोग कर रही हैं। लेकिन, उन्हें इसके मुताबिक इंसेंटिव या मानदेय नहीं मिल रहा है।
800 रुपये प्रतिवर्ष मानदेय देने की घोषणा कर राज्य सरकार ने उनके साथ मजाक किया है। राज्य सरकार आशाओं के कार्य को प्राइवेट हाथों में देने की बात कर रही है, जिससे आशाओं का शोषण और अधिक बढ़ जाएगा।